रतलाम
रतलाम। जिले के प्रमुख रतलाम-शिवगढ़-बाजना राज्य मार्ग पर रविवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जब पलसोढ़ी के समीप स्थित ओवरब्रिज अचानक क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया।
एहतियात के तौर पर तुरंत ब्रिज पर आवागमन बंद कर दिया गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए पास से गुजर रही आठ लेन (हाईवे) के बैरिकेड्स हटाकर वैकल्पिक मार्ग चालू किया। इस अस्थायी व्यवस्था के जरिए वाहनों की आवाजाही शुरू करवाई गई, जिससे लोगों को राहत मिली। मौके पर पोकलेन, जेसीबी मशीनें और तकनीकी कर्मचारी पहुंच चुके हैं और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य तेजी से जारी है।
हालांकि इस पूरी घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मार्ग रतलाम से बाजना होते हुए कुशलगढ़ तक जाने वाला एक महत्वपूर्ण राज्य मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में ब्रिज का अचानक क्षतिग्रस्त होना न केवल निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाता है, बल्कि संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस नुकसान का पता नहीं चलता, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। खास बात यह है कि ब्रिज आठ लेन के ऊपर बना हुआ है, और उसका इस तरह खिसकना या क्षतिग्रस्त होना तकनीकी रूप से भी गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस चूक के लिए जिम्मेदार कौन है? क्या निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किया गया था या फिर समय-समय पर निरीक्षण नहीं हुआ? फिलहाल प्रशासन ने जांच के संकेत दिए हैं, लेकिन जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहेगी।
रिपोर्टर जितेंद्र कुमावत