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नीमच : यदि व्यक्ति कुछ करने का दृढ़ संकल्प लेकर लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में निरंतर प्रयास करे, तो शारीरिक बाधाएं भी उसकी सफलता में रुकावट नहीं बनतीं। इस कथन को नीमच निवासी दिव्यांग उद्यमी श्री अजय नागोरी ने साकार कर दिखाया है। श्री अजय नागोरी पूर्व में किराए के परिसर में स्टोन कटिंग एवं पॉलिशिंग का कार्य कर रहे थे। अब उद्योग विभाग द्वारा औद्योगिक क्षेत्र नीमच में उन्हें 1600 वर्गफीट का भूखंड आवंटित किया गया है, जिससे उनके उद्योग की स्थापना को नई मजबूती मिली है और किराए के खर्च से भी मुक्ति मिली है। औद्योगिक क्षेत्र नीमच में प्राप्त भूखंड पर उन्होंने लगभग 15 लाख रुपये का निवेश कर मेसर्स जतन श्री मार्बल एंड ग्रेनाइट के नाम से अपनी स्वयं की औद्योगिक इकाई स्थापित की है। श्री अजय नागोरी दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद मजबूत हौसलों के साथ आत्मनिर्भर बनकर अपना उद्योग सफलतापूर्वक संचालित कर रहे हैं। उनके इस उद्योग से पांच अन्य लोगों को भी रोजगार प्राप्त हुआ है। इस इकाई का वार्षिक टर्नओवर लगभग 15 लाख रुपये है, जबकि श्री अजय नागोरी को प्रतिवर्ष करीब 5 लाख रुपये की आय हो रही है। वे न केवल स्वयं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि अन्य युवाओं के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं। उद्योग स्थापना हेतु शासन द्वारा औद्योगिक क्षेत्र में भूमि उपलब्ध कराए जाने पर श्री अजय नागोरी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। अब तक प्रदेश में 881 औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की जा चुकी है, जिनमें से 281 इकाइयों का भूमिपूजन तथा 141 इकाइयों का शुभारंभ हो चुका है। साथ ही प्रदेश में 26 औद्योगिक पार्क एवं क्लस्टरों को स्वीकृति मिली है तथा 33 औद्योगिक क्षेत्रों का उन्नयन कार्य पूर्ण किया गया है। |